भविष्य में होगा इसका इस्तेमाल दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक यह कदम उन गरीब लोगों को भूख से बचाने के लिए उठाया गया है जो दिहाड़ी मजदूरों की भांति काम करते हैं, सड़कों या किसी भवन के सामने सो जाते हैं, और जिनके लिए किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।

भविष्य में होगा इसका इस्तेमाल  


दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक यह कदम उन गरीब लोगों को भूख से बचाने के लिए उठाया गया है जो दिहाड़ी मजदूरों की भांति काम करते हैं, सड़कों या किसी भवन के सामने सो जाते हैं, और जिनके लिए किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।


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लेकिन सरकार इन सभी लोगों का रजिस्ट्रेशन भी कराने पर विचार कर रही है। इसके लिए उन्हें किसी विशेष प्रकार के कागज प्रस्तुत करने की भी आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन पहचान सुनिश्चित रखने के लिए अधिकारी अपने स्तर पर फैसला ले सकेंगे।
घर पहुंचेगा राशन
अभी सरकार ने की है ये व्यवस्था
पूरी दिल्ली में 18 हजार से अधिक लोगों को दोनों टाइम का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जरूरतमंदों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन को अभी भी इन लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।